भारत सरकार ने साफ किया है कि E20 फ्यूल (20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) से गाड़ियों की वारंटी और इंश्योरेंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह प्रोग्राम प्रदूषण घटाने, किसानों की आमदनी बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा।
भारत सरकार ने 30 अगस्त 2025 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि E20 फ्यूल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) से न तो गाड़ियों की वारंटी खत्म होगी और न ही इंश्योरेंस अमान्य होगा। तेल कंपनियों, ऑटोमोबाइल निर्माताओं, परीक्षण एजेंसियों (ARAI और iCAT) और अन्य नियामक संस्थाओं ने बताया कि यह प्रोग्राम पूरी तरह से सुरक्षित और स्टैंडर्ड्स के मुताबिक है।

E20 फ्यूल: किसानों को फायदा
एथेनॉल मिश्रण प्रोग्राम (Ethanol Blended Petrol Program) किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। पहले जो पैसा कच्चे तेल के आयात पर खर्च होता था, अब वह सीधे किसानों तक पहुंच रहा है।
- सिर्फ इस साल किसानों को लगभग ₹40,000 करोड़ का भुगतान होगा।
- वहीं देश को करीब ₹43,000 करोड़ की विदेशी मुद्रा बचत होगी।
- अब तक इस प्रोग्राम से 1.44 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है और करीब 245 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल की जगह एथेनॉल का इस्तेमाल हुआ है।
प्रदूषण पर लगेगा बड़ा ब्रेक
E20 फ्यूल से कार्बन उत्सर्जन में अब तक 736 लाख मीट्रिक टन की कमी आई है, जो 30 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है। सरकार ने बताया कि इस प्रोग्राम से देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी और किसानों की आमदनी में भी वृद्धि होगी।
E20 फ्यूल: माइलेज पर गलतफहमी
सोशल मीडिया पर कई बार यह दावा किया गया कि E20 फ्यूल से गाड़ियों की माइलेज बहुत घट जाती है। लेकिन ARAI और ऑटो कंपनियों की टेस्टिंग में पाया गया कि माइलेज में केवल मामूली अंतर आता है। असल माइलेज पर असर डालने वाले कारण हैं – ड्राइविंग स्टाइल, गाड़ी की उम्र, टायरों की स्थिति और AC का उपयोग।
यह भी पढ़ें- Ather 450 Apex इलेक्ट्रिक स्कूटर अब और भी एडवांस, जानें नए अपडेट्स
इंजन पर असर नहीं, परफॉर्मेंस बेहतर
एथेनॉल का ऑक्टेन नंबर 108.5 है, जबकि पेट्रोल का 84.4 होता है। इससे हाई-कंप्रेशन इंजन और भी पावरफुल और एफिशिएंट बनते हैं। भारत में अब BS-VI पेट्रोल RON 91 से बढ़कर RON 95 तक पहुंच गया है, जिससे इंजन को बेहतर परफॉर्मेंस और एंटी-नॉक प्रॉपर्टीज मिलती हैं।
सोशल मीडिया की अफवाहों पर रोक
कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया था कि E20 फ्यूल से फ्यूल टैंक में पानी जमा होता है, लेकिन सरकार और तेल कंपनियों ने इस दावे को झूठा बताया। साथ ही, ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने कहा है कि देशभर में किसी भी ग्राहक की ऐसी शिकायत नहीं आई है।
वारंटी और इंश्योरेंस पर कोई असर नहीं
सरकार ने साफ कहा है कि E20 फ्यूल से न तो वाहनों की वारंटी रद्द होगी और न ही इंश्योरेंस क्लेम पर असर पड़ेगा। इसलिए उपभोक्ताओं को चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

