भारत का ऑटो सेक्टर इस समय एक नए संकट का सामना कर रहा है। India Auto Industry Gas Supply Crisis तेजी से गहराता जा रहा है। दरअसल, ईरान-इजरायल (Iran-Israel) युद्ध की वजह से गैस सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे कार उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है।
गैस की कमी से ऑटो सेक्टर पर असर
India Auto Industry Gas Supply Crisis का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। देश की बड़ी कंपनियां जैसे मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा इस समय दबाव में हैं। दरअसल, कई पार्ट्स सप्लायर ने गैस की कमी की शिकायत की है, जिससे फैक्ट्रियों का काम प्रभावित हो रहा है। वहीं, कुछ प्लांट्स में उत्पादन सामान्य से कम क्षमता पर चल रहा है। हालांकि, कंपनियां अभी स्थिति को संभालने की पूरी कोशिश कर रही हैं।
रिकॉर्ड डिमांड के बीच बढ़ी चुनौती
भारत में इस समय कारों की डिमांड अपने चरम पर है। अनुमान है कि 2026 तक बिक्री 45 लाख यूनिट के पार पहुंच सकती है। लेकिन इसी दौरान गैस सप्लाई में रुकावट ने समस्या और बढ़ा दी है। कंपनियों के पास अतिरिक्त स्टॉक भी कम बचा है। यही वजह है कि India Auto Industry Gas Supply Crisis के कारण उत्पादन रुकने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
Middle East पर निर्भरता बनी बड़ी वजह
दरअसल, भारत अपनी गैस जरूरतों का करीब 50% मध्य पूर्व (Middle East) से आयात करता है। खासकर कतर (Qatar) से आने वाली सप्लाई अब युद्ध के कारण प्रभावित हो रही है। इसके अलावा Strait of Hormuz से तेल और गैस की आवाजाही भी धीमी पड़ी है। इसी वजह से India Auto Industry Gas Supply Crisis और गंभीर होता जा रहा है।
छोटे उद्योगों पर सबसे ज्यादा असर
ऑटो सेक्टर में छोटे और मझोले उद्योग सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन इस समय यही सेक्टर सबसे ज्यादा संकट में है। कई यूनिट पूरी तरह गैस पर निर्भर हैं और वे आसानी से दूसरे विकल्पों पर शिफ्ट नहीं हो पा रहे हैं। कुछ फैक्ट्रियों में तो उत्पादन रोकना भी पड़ा है। ऐसे में सप्लाई चेन का सबसे कमजोर हिस्सा अब सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
कंपनियां क्या कह रही हैं?
मारुति सुजुकी के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें ऊर्जा सप्लाई में दिक्कत की जानकारी मिली है, लेकिन फिलहाल उत्पादन योजना के अनुसार चल रहा है। वहीं टाटा मोटर्स और महिंद्रा का कहना है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सप्लायर के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि उत्पादन प्रभावित न हो।
2026 के लिए घटा ग्रोथ अनुमान
इस संकट का असर भविष्य के अनुमान पर भी दिखने लगा है। S&P ग्लोबल मोबिलिटी ने भारत के ऑटो सेक्टर की ग्रोथ को घटाकर 6.3% कर दिया है, जो पहले 7.4% थी। हालांकि, आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि युद्ध कब तक चलता है और सप्लाई कब सामान्य होती है।
आगे क्या हो सकता है असर?
फिलहाल कंपनियां उत्पादन जारी रखने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन अगर गैस सप्लाई जल्द ठीक नहीं हुई, तो कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उत्पादन में कटौती हो सकती है, कारों की कीमत बढ़ सकती है और ग्राहकों को डिलीवरी के लिए ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है। यानी आने वाले समय में India Auto Industry Gas Supply Crisis का असर सीधे ग्राहकों पर भी दिख सकता है।
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