GST ITC on Office Cars: भारत में कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए जल्द बड़ी राहत का ऐलान हो सकता है। कंपनी के नाम पर खरीदी गई गाड़ियों से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव सामने आया है। अगर इसे GST काउंसिल मंजूरी देती है, तो कंपनियां कर्मचारियों के इस्तेमाल के लिए खरीदी गई कारों पर चुकाए गए GST का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम कर सकेंगी। इससे कंपनी की कुल लागत कम हो सकती है।
फिलहाल यह सिर्फ एक प्रस्ताव है और अंतिम फैसला GST काउंसिल की मंजूरी के बाद ही लागू होगा। हालांकि, इसे कारोबार को आसान बनाने यानी ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (ease of doing business) पहल का हिस्सा माना जा रहा है।
GST Rule Changes
GST काउंसिल के तहत काम करने वाली कानून समिति ने मौजूदा नियमों में बदलाव का सुझाव दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक, अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारियों के ऑफिस इस्तेमाल के लिए कंपनी के नाम पर कार खरीदती है, तो उस पर चुकाए गए GST का ITC लेने की अनुमति दी जा सकती है। अगर यह बदलाव लागू होता है, तो कंपनियों के लिए नई गाड़ियां खरीदना पहले की तुलना में अधिक किफायती हो सकता है।
Current Rules
अभी के GST नियमों के अनुसार केवल कुछ चुनिंदा सेक्टर ही कंपनी के उपयोग के लिए खरीदी गई गाड़ियों पर GST ITC का लाभ ले सकते हैं। इनमें वाहन निर्माता, डीलर, ड्राइविंग स्कूल और कुछ यात्री परिवहन सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा अधिकांश कंपनियां, भले ही उनके कर्मचारी लगातार व्यावसायिक यात्रा करते हों, इस टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं उठा पाती हैं।
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GST ITC on Office Cars: Benefits for Companies
अगर कंपनी के नाम खरीदी गई गाड़ियों पर GST ITC को मंजूरी मिलती है, तो विभिन्न उद्योगों की कंपनियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। वाहन खरीदने पर चुकाए गए GST का क्रेडिट मिलने से निवेश की कुल लागत घट सकती है। इसके अलावा कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए नई गाड़ियां खरीदने के फैसले को अधिक आसानी से ले सकेंगी। इससे कॉर्पोरेट सेक्टर में वाहन खरीदारी भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

