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हाईवे पर होने वाली मौतों में 4.1% की कमी, यूपी ने दर्ज की सबसे बड़ी गिरावट

Highway Accident Deaths India 2025

Highway Accident Deaths India 2025: देश में सड़क सुरक्षा को लेकर एक राहत देने वाली खबर सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या कम हुई है। हालांकि, पूरे देश में सड़क हादसों से होने वाली कुल मौतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

लोकसभा में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर 64,772 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 61,122 रह गई। यानी एक साल में लगभग 4.1% की कमी दर्ज की गई है।

Highway Safety

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में नेशनल हाईवे पर हादसों में होने वाली मौतों की संख्या घटी है। यह संकेत देता है कि कई क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के प्रयासों का असर देखने को मिला है। हालांकि, तस्वीर पूरी तरह सकारात्मक नहीं है। 15 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हाईवे पर होने वाली मौतों में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। इससे साफ है कि सड़क सुरक्षा को लेकर अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत बनी हुई है।

Highway Accident Deaths India 2025, Uttar Pradesh

अगर बात करें राज्यों की, तो उत्तर प्रदेश ने सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की है। वर्ष 2024 में राज्य में नेशनल हाईवे पर 9,560 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2025 में यह संख्या घटकर 7,573 रह गई। यह कमी देश के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक रही। इससे उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन सड़क सुरक्षा के लिहाज से उल्लेखनीय माना जा सकता है।

Other States

मध्य प्रदेश और पंजाब ने भी बेहतर सुधार दर्ज किया है। मध्य प्रदेश में हाईवे पर मौतों की संख्या 4,644 से घटकर 3,610 हो गई। वहीं पंजाब में वर्ष 2024 के 1,562 मामलों की तुलना में 2025 में 1,022 लोगों की मौत दर्ज की गई। दोनों राज्यों में भी मौतों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली।

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दूसरी ओर कुछ बड़े राज्यों में हालात पहले की तुलना में खराब रहे। तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, आंध्र प्रदेश और गुजरात में नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या बढ़ी है। हालांकि सरकार ने इन राज्यों में बढ़ोतरी के पीछे अलग-अलग कारणों का विस्तृत विवरण साझा नहीं किया है। ऐसे में इन क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की जरूरत मानी जा रही है।

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