Yamaha FZ Flex-Fuel: यामाहा ने भारत में यामाहा FZ फ्लेक्स-फ्यूल को ₹1.24 लाख (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है। यह कंपनी की पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल है। वहीं, यह अब भारत की चुनिंदा E85-संगत बाइक्स की सूची में शामिल हो गई है।
इंजन और परफॉर्मेंस
नई यामाहा FZ फ्लेक्स-फ्यूल में 149cc का एयर-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर, फ्यूल-इंजेक्टेड इंजन दिया गया है। यह इंजन E20 से लेकर E85 तक के एथेनॉल मिश्रित ईंधन पर आसानी से चल सकता है। इंजन 11.7 hp की पावर 7,250 rpm पर देता है। साथ ही यह 12.8 Nm का टॉर्क 6,000 rpm पर पैदा करता है। हालांकि, सामान्य FZ मॉडल की तुलना में इसकी पावर और टॉर्क थोड़ा कम है। दरअसल, एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से कम होती है। इसी वजह से फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में यह अंतर देखने को मिलता है।
यामाहा ने इस नए मॉडल में अधिकतर हार्डवेयर पहले जैसा ही रखा है। बाइक में एलईडी हेडलाइट दी गई है। इसके अलावा वही मस्कुलर फ्यूल टैंक और सिंगल-पीस सीट मिलती है।इसमें 5-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है। साथ ही टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क और रियर मोनोशॉक सस्पेंशन मिलता है। ब्रेकिंग के लिए फ्रंट और रियर डिस्क ब्रेक के साथ सिंगल-चैनल ABS दिया गया है।
ग्राउंड क्लीयरेंस और वजन में बदलाव
यामाहा FZ फ्लेक्स-फ्यूल का ग्राउंड क्लीयरेंस 135mm है। हालांकि, यह अन्य FZ वेरिएंट्स के 165mm ग्राउंड क्लीयरेंस से कम है। वहीं, बाइक का वजन 139 किलोग्राम है। यह FZ रेव के मुकाबले करीब 3 किलोग्राम अधिक भारी है।
फिलहाल यह बाइक केवल मेटैलिक ब्लैक रंग में उपलब्ध होगी। यामाहा इसे शुरुआती चरण में ब्लू स्क्वायर प्रीमियम डीलरशिप के जरिए बेचेगी। इन डीलरशिप्स की शुरुआत दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु से होगी।
भारत में बढ़ रही है फ्लेक्स-फ्यूल बाइक्स की मांग
भारत में एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी बीच कई दोपहिया कंपनियां फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक पर काम कर रही हैं। यामाहा FZ फ्लेक्स-फ्यूल उन ग्राहकों के लिए अच्छा विकल्प बन सकती है, जो भविष्य के ईंधन विकल्पों को अपनाना चाहते हैं। साथ ही रोजाना शहर में चलने वाली बाइक खरीदने वालों को भी यह मॉडल पसंद आ सकता है।
Yamaha FZ Flex-Fuel भारतीय बाजार में कंपनी की एक महत्वपूर्ण पेशकश है। यह बाइक परिचित FZ प्लेटफॉर्म के साथ E20 से E85 तक के ईंधन का विकल्प देती है। कुल मिलाकर, जो ग्राहक भविष्य के ईंधन मानकों के अनुसार बाइक खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह एक व्यावहारिक विकल्प साबित हो सकती है।

