Ganga Expressway का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनकर तैयार हुआ है और अब यह यूपी की सबसे लंबी सड़क बन गई है। दरअसल, यह 594 किलोमीटर लंबा हाईवे है जिसे करीब 36,320 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसी वजह से इसे भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है।

कितनी होगी स्पीड और क्या हैं नियम?
गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) पर आप 120 kmph तक की स्पीड से गाड़ी चला सकते हैं। यह भारत की सबसे ज्यादा अनुमत स्पीड लिमिट में से एक है। हालांकि, सुरक्षा के लिए पूरे एक्सप्रेसवे पर HD CCTV कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
क्या बाइक चलाने की अनुमति है?
अगर आप बाइक से सफर करने की सोच रहे हैं, तो यह संभव नहीं होगा। क्योंकि गंगा एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों की एंट्री पूरी तरह बैन है। दरअसल, यह एक्सप्रेसवे हाई-स्पीड यात्रा के लिए बनाया गया है। इसी वजह से केवल कार और भारी वाहन ही यहां चल सकेंगे।

रूट और किन शहरों से होकर गुजरता है?
Ganga Expressway मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है। यह कुल 12 जिलों से होकर गुजरता है, जिनमें शामिल हैं: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज। पहले जहां इस दूरी को तय करने में 10–12 घंटे लगते थे, वहीं अब यह सफर सिर्फ 6–8 घंटे में पूरा हो जाएगा।
टोल प्लाजा और चार्ज की जानकारी
गंगा एक्सप्रेसवे पर कुल दो मुख्य टोल प्लाजा बनाए गए हैं। पहला टोल मेरठ के बिजौली गांव के पास है। वहीं दूसरा और अंतिम टोल प्रयागराज के सोरांव क्षेत्र में स्थित है। इसके अलावा, आखिरी टोल प्लाजा को 16 लेन के साथ बनाया गया है। इससे ट्रैफिक स्मूद रहेगा और जाम की समस्या कम होगी।

प्रमुख विशेषताऐं
Ganga Expressway सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि एक मल्टी-पर्पज कॉरिडोर है। इसके साथ मैन्युफैक्चरिंग जोन, लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउस बनाए जाएंगे। साथ ही यह कृषि प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को भी बढ़ावा देगा। सबसे खास बात यह है कि शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी एयरस्ट्रिप बनाई गई है। यह आपात स्थिति में फाइटर जेट लैंडिंग के काम आएगी। इसके अलावा, यह एक्सप्रेसवे कई बड़े रूट्स से जुड़ता है जैसे: यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट)
आर्थिक असर: जमीन और निवेश में उछाल
गंगा एक्सप्रेसवे से यूपी की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलने वाला है। राज्य सरकार यहां 6500+ एकड़ में 12 इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाने की योजना बना रही है। साथ ही करीब 47,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पहले ही आ चुके हैं। वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि आसपास की जमीन की कीमत 20% से 50% तक बढ़ सकती है। खासतौर पर मेरठ, प्रयागराज और गाजियाबाद में इसका ज्यादा असर दिखेगा।

Ganga Expressway सिर्फ एक हाईवे नहीं, बल्कि यूपी के विकास की नई रफ्तार है। यह पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़कर उद्योग, रोजगार और यात्रा को आसान बनाएगा। अगर आप लंबी दूरी की ड्राइव पसंद करते हैं, तो यह एक्सप्रेसवे आपके सफर को और भी तेज और आरामदायक बना देगा।

