Maruti गुजरात प्लांट में नई EV असेंबली लाइन शुरू करने जा रही है, जहां मारुति सुजुकी ई विटारा और टोयोटा अर्बन क्रूजर ई बेला का एक्सक्लूसिव उत्पादन होगा।
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) अपने गुजरात प्लांट में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) के लिए एक नई और समर्पित असेंबली लाइन लगाने जा रही है। यह नई लाइन ‘प्रोडक्शन डी’ के नाम से जानी जाएगी और इसे खासतौर पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों के निर्माण के लिए तैयार किया गया है। यह नई असेंबली लाइन जुलाई से ऑपरेशनल होने की उम्मीद है। इसके शुरू होने के बाद कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में EV सप्लाई बेहतर हो सकेगी।

2.5 लाख यूनिट सालाना क्षमता, कुल प्रोडक्शन 10 लाख तक पहुंचेगा
गुजरात स्थित Maruti Suzuki के प्लांट में फिलहाल A, B और C नाम की तीन प्रोडक्शन लाइनें संचालित हो रही हैं। अब कंपनी यहां चौथी और पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए समर्पित ‘प्रोडक्शन डी’ लाइन जोड़ने जा रही है। इस नई लाइन के शुरू होने के बाद प्लांट की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 7.5 लाख यूनिट से बढ़कर सीधे 10 लाख यूनिट तक पहुंच जाएगी।
नई EV असेंबली लाइन अकेले ही 2.5 लाख यूनिट प्रतिवर्ष उत्पादन करने में सक्षम होगी। इससे मारुति (Maruti) की इलेक्ट्रिक कारों की सप्लाई में तेजी आएगी, डीलरशिप पर गाड़ियों की उपलब्धता बेहतर होगी और ग्राहकों के लिए वेटिंग पीरियड कम करने में मदद मिलेगी। कंपनी का लक्ष्य है कि बढ़ती मांग के अनुरूप उत्पादन संतुलित रखा जाए और बाजार में समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके।
इन दो इलेक्ट्रिक SUVs का होगा एक्सक्लूसिव निर्माण
नई डेडिकेटेड EV लाइन पर विशेष रूप से दो महत्वपूर्ण इलेक्ट्रिक SUVs का निर्माण किया जाएगा, मारुति सुजुकी ई विटारा (Maruti Suzuki e Vitara) और टोयोटा अर्बन क्रूजर ई बेला (Toyota Urban Cruiser eBella)। अभी तक इन दोनों मॉडलों का निर्माण पेट्रोल और डीजल (ICE) गाड़ियों के साथ ही किया जा रहा था, जिससे उत्पादन प्रक्रिया में बाधाएं और देरी की स्थिति बन रही थी। अब अलग असेंबली लाइन मिलने से इन इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण अधिक व्यवस्थित, तेज और बड़े पैमाने पर किया जा सकेगा। इससे कंपनी को अपने EV पोर्टफोलियो को मजबूत करने और ग्राहकों की बढ़ती रुचि का फायदा उठाने में मदद मिलेगी।
यह भी पढ़ें- लॉन्च से पहले शोरूम में दिखी नई रेनॉल्ट डस्टर, 3 इंजन ऑप्शन के साथ मचाएगी धमाल
प्रोडक्शन बैलेंस की चुनौती और समाधान
कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग और सेल्स) पार्थो बनर्जी के अनुसार, फिलहाल उत्पादन क्षमता को संतुलित रखने में कुछ चुनौतियां सामने आ रही हैं। ICE और EV मॉडलों को एक साथ बनाने की वजह से सप्लाई चेन और असेंबली शेड्यूल पर दबाव पड़ रहा है। हालांकि, जुलाई से नई लाइन के शुरू होते ही यह स्थिति काफी हद तक सुधरने की उम्मीद है। कंपनी स्पष्ट रूप से चाहती है कि ग्राहकों को लंबा इंतजार न करना पड़े और डिमांड के अनुसार सप्लाई सुचारु रूप से जारी रहे।
घरेलू और ग्लोबल मार्केट पर फोकस
Maruti की यह रणनीति केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है। गुजरात प्लांट को कंपनी अपने ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में भी विकसित कर रही है। नई EV लाइन के जरिए Maruti Suzuki न केवल घरेलू मांग को पूरा करेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात बढ़ाने की योजना बना रही है। भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट तेजी से विस्तार कर रहा है, और ऐसे समय में यह कदम कंपनी को EV बाजार में मजबूत और प्रतिस्पर्धी स्थिति दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

