e Vitara export: मारुति सुजुकी ने 2025 में रिकॉर्ड 3.95 लाख गाड़ियों का निर्यात किया। e Vitara की 13,000 से ज्यादा यूनिट्स एक्सपोर्ट हो चुकी हैं और भारत लॉन्च जल्द होने की उम्मीद है।
e Vitara export: मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने साल 2025 को एक्सपोर्ट के लिहाज से ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ खत्म किया है। कंपनी ने कैलेंडर ईयर 2025 में कुल 3.95 लाख गाड़ियां विदेशों में निर्यात कीं, जो अब तक का उसका सबसे बड़ा सालाना आंकड़ा है। यह आंकड़ा 2024 की तुलना में 21 प्रतिशत की मजबूत बढ़त को दर्शाता है। इसके साथ ही Maruti Suzuki लगातार पांचवीं बार भारत की सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्टर बनी है।
‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ को मिली मजबूती
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड का यह शानदार प्रदर्शन भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ पहल को मजबूत करता है। पिछले पांच सालों में कंपनी के एक्सपोर्ट में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। जहां 2020 में निर्यात एक लाख यूनिट से भी कम था, वहीं 2025 में यह आंकड़ा करीब चार लाख यूनिट तक पहुंच गया। इससे साफ पता चलता है कि भारत में बनी कारों की मांग अब दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है।
100 से ज्यादा देशों में 18 मॉडल्स का निर्यात
साल 2025 में मारुति सुजुकी ने अपने 18 अलग-अलग मॉडल्स को 100 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट किया। इन देशों में लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, ASEAN क्षेत्र और यूरोप जैसे बड़े ऑटो बाजार शामिल हैं। यह कंपनी की बढ़ती ग्लोबल मौजूदगी और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के भरोसे को दिखाता है। इसी साल कंपनी ने यूरोपियन मार्केट में दोबारा एंट्री की, जो उसकी पहली इलेक्ट्रिक SUV Maruti Suzuki e Vitara के जरिए हुई। अगस्त 2025 से e Vitara का एक्सपोर्ट शुरू हुआ, जिसकी शिपमेंट हंसलपुर प्लांट से की गई और इसे नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाई।
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e Vitara के एक्सपोर्ट की शुरुआत के बाद से अब तक 13,000 से ज्यादा यूनिट्स को 29 देशों में भेजा जा चुका है, जिनमें यूरोप सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है। इसके साथ ही मारुति सुजुकी जिम्नी (5-डोर) की भी विदेशों में अच्छी डिमांड देखी गई है। 2025 में मिले इस मजबूत एक्सपोर्ट रिजल्ट के पीछे बेहतर मैन्युफैक्चरिंग, ज्यादा लोकल कंटेंट और सभी प्लांट्स में समान क्वालिटी स्टैंडर्ड्स का बड़ा योगदान रहा। आगे चलकर कंपनी इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों पर ज्यादा फोकस करके अपने ओवरसीज एक्सपोर्ट को और बढ़ाने की तैयारी में है। इस उपलब्धि पर कंपनी के एमडी निदेशक और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि यह भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत और दुनियाभर के ग्राहकों के भरोसे का प्रमाण है, और वैश्विक चुनौतियों के बीच 21% की ग्रोथ देश के एक्सपोर्ट मोमेंटम में अहम योगदान देती है।


